बिहार में राजस्व और भूमि विवाद सुलझाने के लिए शुरू होंगे कॉल सेंटर,दाखिल खारिज में लगेंगे सिर्फ इतने दिन

दोस्तों, आपका स्वागत है,आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में बिहार में राजस्व और भूमि विवाद सुलझाने के लिए से संबंधित सभी जानकारी प्रदान करेंगे | बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता ने बुधवार को अपने विभाग के ऑनलाइन होने से लोगों को होने वाले फायदे के बारे में विस्तृत जानकारी दी | उन्होंने बताया कि अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर विभाग की समीक्षा की जा रही है | उन्होंने बताया कि, राजस्व विभाग में दाखिल से संबंधित मामले का निपटारा तेजी से किया जा रहा है |

अब 35 दिन में दाखिल खारिज की प्रक्रिया पूरी की जा रही है | इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि, राजस्व विभाग में विवाद से निपटने तथा समस्याओं को सुनने के लिए जल्द ही कॉल सेंटर की स्थापना की जाएगी | जिसके माध्यम से और कार्रवाई में तेजी आएगी |

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कॉल सेंटर से होगा म्यूटेशन और जमाबंदी संबंधित शिकायतों का सुधार

आलोक कुमार मेहता ने बताया कि, जमीन संबंधित समस्याओं के निदान को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा एक कॉल सेंटर की सेवा शुरू की जा रही है | जमीन को लेकर विभाग ने एक केंद्रीय कृत कॉल सेंटर दो महीने के अंदर काम करने लगेगा | कॉल सेंटर का नंबर भी जल्द ही विभाग द्वारा जारी कर दिया जाएगा |

इस नंबर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सेवाओं में म्यूटेशन जमाबंदी में सुधार अतिक्रमण की शिकायतों या सुझाव दिए | जा सकेंगे कॉल सेंटर में भूमि सर्वे से संबंधित किसी भी मामले के बारे में भी शिकायतें या सुझाव दिया जा सकेगा | उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी जरूरी निर्देश अधिकारियों को दिए जाएंगे |

10101 विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की होगी बहाली

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री ने बताया कि राज्य में जल्द ही 10101 विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की बहाली हो जाएगी | उनकी बहाली होने के साथ ही बिहार के सभी जिलों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा | वर्तमान में प्रथम चरण के 20 जिलों के 89 अंचलों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है | मार्च 2024 तक राज्य के करीब 5000 गांव में भूमि सर्वेक्षण का काम पूर्ण हो जाएगा |

बिहार

24000 भूमिहीनों को आवंटित की जाएगी जमीन

आलोक मेहता ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक लगभग 24000 वास रहित भूमिहीनों को आवाज से हेतु भूमि बसेरा 1 के तहत जमीन आवंटित कर दिया जाएगा | इसके बाद बसेरा 2 के सर्वे से प्राप्त भूमिहीनों को आवास की भूमि आवंटित की जाएगी | फिलहाल हल्का कर्मचारी द्वारा मोबाइल ऐप के जरिए भूमिहीन परिवारों का बसेरा 2 के तहत सर्वेक्षण किया जा रहा है | बसेरा दो से प्राप्त भूमिहीनों के बीच अगले वित्तीय वर्ष में वास के लिए भूमि का आवंटन किया जाएगा | यह विभाग ही सर्वोच्च प्राथमिकता है, सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में सरकार निजी जमीन भी खरीद कर भूमिहीनों में वितरित करेगी |

यहां मिला म्यूटेशन का सबसे अधिक लंबित कार्य

आलोक कुमार महतो ने बताया कि म्यूटेशन का सबसे अधिक कार्य पटना, मुजफ्फरपुर, गया में लंबित पाया गया है | ऐसे में अधिकारी को निर्देश दिया गया है, कि इन जिलों में जाकर मामले की गंभीरता से जांच करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें | इस अवसर पर विभाग के ऊपर मुख्य सचिव ब्रजेश और सचिव जय सिंह भी उपस्थित थे |

राजस्व विभाग का कार्य ऑनलाइन होने से लोगों को हुई सुविधा

भूमि सुधार राजस्व एवं गन्ना उद्योग मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि विभाग के ऑनलाइन होने की वजह से लोगों को काफी मदद मिल रही है | घर बैठे – बैठे जमीन से संबंधित कागजात ऑनलाइन मिल जा रहे हैं, कार्यालय के चक्कर नहीं लगने पर रहे हैं | जिस तरह से हमारा विभाग कार्य कर रहा है, उनसे लोगों की शिकायतें जल्द से जल्द दूर होगी हमने विवाह के अधिकारियों को भूमि संबंधित विवाद का जल्द से जल्द निपटारा करने को कहा है |

राजनैतिक कारणों से जातीय गणना का विरोध आलोक कुमार मेहता

इसके अलावा मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि जाति गणना 2022 का विरोध लोग राजनीतिक कर्म से कर रहे हैं | ऐसे लोग समाज को गुमराह कर रहे हैं और वह सामाजिक न्याय के विरोधी हैं | पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्तमान में 15 फ़ीसदी आबादी वालों का कब्जा 85 फ़ीसदी सरकारी नौकरियों पर है | उन्होंने कहा कि जाति गणना को लेकर विरोध करने वालों का गणित कमजोर है | रालोजद के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के द्वारा के द्वारा गाना को लेकर उठाए जा रहे सवाल पर उन्होंने कहा कि वह तो साइंस कॉलेज के छात्र रहे हैं |

इन गणना के विरोध करने वाले समाज के शुभचिंतक नहीं है | अति पिछड़ा वर्ग की अधिक जनसंख्या और आरक्षण में भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने तो आरक्षण के सीमा का रास्ता ही खोल दिया है |

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निष्कर्ष :- आज हमने आपको अपने इस आर्टिकल में बिहार में राजस्व भूमि विवाद को सुलझाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए | एक नई नीति के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की सरकार ने कॉल सेंटर के तहत दाखिल ख़ारिज में लगे विलंब को दूर करने के लिए नई नीति बनाई है | अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आए | तो आप इसे अपने दोस्तों अपने फैमिली में जरूर शेयर करें |

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